गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मन के झूले पर आओ
Mann Ke Jhoole Par Aao
मंथन (1941) के इस युगल गीत में राधारानी और सरदार मंसूर मन के झूले पर पंक्तियाँ साझा करते हैं।
भावचुलबुला · रोमांटिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपयुगल
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
मंथन (1941) के इस युगल गीत में राधारानी और सरदार मंसूर मन के झूले पर पंक्तियाँ साझा करते हैं।
In EnglishRadharani and Sardar Mansur trade lines on the swing of the heart in this duet from Manthan (1941).
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'मन के झूले पर आओ' मंथन (1941) का प्रलेखित युगल गीत है, जिसे राधारानी और सरदार मंसूर बलदेव नायक के संगीत और पंडित फणी के बोलों पर गाते हैं। 'मन के झूले' की छवि एक कोमल, चंचल कल्पना है — झूला हिंदी फ़िल्म गीत में एक बार-बार आने वाला रोमानी और ऋतु-संबंधी प्रतीक है। यह गीत रामजी आर्य द्वारा निर्देशित फ़िल्म के दस-गीत कार्यक्रम के भीतर है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Mann Ke Jhoole Par Aao' is the documented duet of Manthan (1941), sung by Radharani and Sardar Mansur to Baldev Nayak's music and Pandit Phani's lyrics. The image of the 'swing of the heart' (mann ke jhoole) is a tender, playful conceit — the jhoola being a recurring romantic and seasonal motif in Hindi film song. The number sits within the film's ten-song programme directed on screen by Ramji Arya.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मन के झूले पर आओ · Mann Ke Jhoole Par Aao |
|---|---|
| फ़िल्म | मंथन · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Radharani, Sardar Mansoor |
| गीतकार | Pandit Phani |
| संगीतकार | Baldev Nayak |
| स्वरूप | युगल |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | चुलबुला · रोमांटिक |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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