हिंदी गीत संगीत का अटलस
1940-50 के दशक के पुराने वैक्यूम ट्यूब रेडियो
मस्त फ़क़ीर (1934) wikimedia · CC BY-SA 2.0

सिनेमा विंग · फ़िल्म-पट्टिका · Film Plate

मस्त फ़क़ीर

Mast Fakir

वर्ष1934निर्देशकडी. एन. माधोकसंगीतदामोदर शर्मानिर्माणKumar Movies

शैलीSocial · Drama

भाषाhindi   प्रकारकथा-चित्र (फ़ीचर)

गीत8 — नीचे पूरी संगीत-सूची

कथा-सार

Synopsis

मस्त फ़क़ीर (1934) कुमार मूवीज़ का एक सामाजिक नाटक है जिसे डी. एन. माधोक ने निर्देशित और गीत भी लिखे। शीर्षक — 'आनंदी फ़क़ीर' — सूफ़ी-प्रेरित निर्लिप्त भटकने वाले की आकृति को उद्भासित करता है, जो उर्दू काव्य और आरंभिक हिंदी सिनेमा में प्रिय था। दामोदर शर्मा का संगीत लोक धुनों और हल्के शास्त्रीय रंग का मिश्रण है। शिराज़ और सुशीला मुख्य भूमिकाओं में हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Mast Fakir (1934) is a social drama produced by Kumar Movies and directed by D. N. Madhok, who also penned the lyrics. The title — 'the joyful mendicant' — invokes the Sufi-inflected figure of the carefree wanderer, a trope beloved in Urdu poetry and early Hindi cinema. Damodar Sharma composed the music in a register blending folk melody with the light-classical style fashionable in early-talkie socials. Shiraz and Sushila lead the cast.

संगीत-सूची

The Soundtrack

दामोदर शर्मा का संगीत, डी. एन. माधोक के बोल — यही जोड़ी उसी दौर में पैरामाउंट और कैलाश साउंड पिक्चर्स की फ़िल्मों में भी काम आई।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Music by Damodar Sharma, lyrics by D. N. Madhok — a pairing that also served Paramount and Kailash Sound Pictures productions of the same period.

  1. आओ सजनिया मौज मनाएँ Aao Sajaniya Mauz Manaaye स्वर: अप्रलेखित आओ सजनिया मौज मनाएँ — वीडियो थंबनेल
  2. दिन आये बहार के प्यारे Din Aaye Bahar Ke Pyaare स्वर: अप्रलेखित दिन आये बहार के प्यारे — वीडियो थंबनेल
  3. जीना है एक नींद जगत में Jeena Hai Ek Neend Jagat Mein स्वर: अप्रलेखित जीना है एक नींद जगत में — वीडियो थंबनेल
  4. काहे पीत के गीत सुनावे भँवरा काली काली Kahe Peet Ke Geet Sunaave Bhanwra Kali Kali स्वर: अप्रलेखित काहे पीत के गीत सुनावे भँवरा काली काली — वीडियो थंबनेल
  5. खिले रे मोरे मन के कली Khile Re More Mann Ke Kali स्वर: अप्रलेखित खिले रे मोरे मन के कली — वीडियो थंबनेल
  6. ओ चैन से सोने वाले O Chain Se Sone Wale स्वर: अप्रलेखित ओ चैन से सोने वाले — वीडियो थंबनेल
  7. तू पीत के रीत को क्या जाने Tu Peet Ke Reet Ko Kya Jaane स्वर: अप्रलेखित तू पीत के रीत को क्या जाने — वीडियो थंबनेल

पट्टिका-लेख

The Monograph

महत्व Significance

डी. एन. माधोक की 1934 की कुमार मूवीज़ फ़िल्मों में से एक; निर्देशक-लेखक-गीतकार के रूप में माधोक आरंभिक टॉकी बॉम्बे सिनेमा के बहु-भूमिका रचनाकार मॉडल का उदाहरण हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

One of D. N. Madhok's several 1934 Kumar Movies productions; Madhok as writer-director-lyricist exemplifies the multi-hyphenate creative model of early-talkie Bombay cinema.

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
फ़िल्म-नमूना · Film Specimen
शीर्षकमस्त फ़क़ीर · Mast Fakir
वर्ष · युग1934 — Talkie Dawn
निर्देशकडी. एन. माधोक · D. N. Madhok
संगीत-निर्देशकदामोदर शर्मा · Damodar Sharma
गीतकारडी. एन. माधोक · D. N. Madhok
कलाकार-मंडलीशिराज़ · Shiraz · सुशीला · Sushila · इब्राहीम · Ebrahim
निर्माण-गृहKumar Movies
शैलीSocial · Drama
भाषाhindi
प्रकारकथा-चित्र (फ़ीचर)
गीत8 गीत — ऊपर पूरी संगीत-सूची

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