गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
भारत की विधवा दुखियारी
Bharat Ki Vidhva Dukhiyari
भारत की दुखियारी विधवा के लिए एक विलाप — फ़िल्म की सामाजिक चेतना का गीत-रूप।
भावमीठा-कड़वा · उदास · दार्शनिक
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
भारत की दुखियारी विधवा के लिए एक विलाप — फ़िल्म की सामाजिक चेतना का गीत-रूप।
In EnglishA lament for the sorrowing widow of India — the film's social conscience set to song.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'भारत की विधवा दुखियारी' 'अबला' (1941) का एक सामाजिक विलाप-गीत है, जिसे ख़ुर्शीद ख़ान ने पंडित ज्ञान चंद्र की पंक्तियों पर रचा और अकबर ख़ान दुर्रानी पेशावरी ने गाया। इसका शीर्षक — 'भारत की दुखियारी विधवा' — इसे स्वतंत्रता-पूर्व सिनेमा की उस सुधारवादी परंपरा में रखता है जो विधवाओं की दुर्दशा को नाटकीय रूप देती थी, वही विषय जिसकी घोषणा फ़िल्म का शीर्षक (अबला, असहाय स्त्री) करता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Bharat Ki Vidhva Dukhiyari' is a social lament from Abla (1941), composed by Khurshid Khan to lyrics by Pandit Gyan Chandra and sung by Akbar Khan Durrani Peshawari. Its title — 'the sorrowing widow of India' — places it squarely in the reformist tradition of pre-Independence cinema that dramatised the plight of widows, the very theme the film's title (abla, the helpless woman) announces.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | भारत की विधवा दुखियारी · Bharat Ki Vidhva Dukhiyari |
|---|---|
| फ़िल्म | अबला · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | अकबर ख़ान दुर्रानी पेशावरी |
| गीतकार | Pandit Gyan Chandra |
| संगीतकार | Khurshid Khan |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | मीठा-कड़वा · उदास · दार्शनिक |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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