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ज
जी. एस. कपूर — गीतकार

कलाकार विंग · कलाकार-पट्टिका · Artist Plate

जी. एस. कपूर

G. S. Kapoor

भूमिकागीतकारसंग्रह में13 गीत

जीवन-पट्टी

The Life Specimen
जीवन-नमूना · Life Specimen
नामजी. एस. कपूर · G. S. Kapoor
भूमिकाएँगीतकार

पट्टिका-लेख

The Monograph

जीवनी Biography

जी. एस. कपूर 1940 के दशक की शुरुआत के हिंदी फ़िल्म गीतकार थे, जिनका दर्ज काम एक ही फ़िल्म से मिलता है — अशोक पिक्चर्स, बॉम्बे की सामाजिक फ़िल्म 'सेवा' (1942), जिसका निर्देशन धीरूभाई देसाई ने किया था। फ़िल्म के गीत उन्होंने लिखे, जिन्हें एस. एन. त्रिपाठी और बीरी सिंह दुखा ने संगीतबद्ध किया — इनमें 'बोले बोले ना बोले', 'आँखों में आए पिया', 'देखो आई बदरिया काली', 'मोहन तुम मोहन' और 'मज़दूर है शान इस दुनिया की' शामिल हैं, जिन्हें राजकुमारी, ज़हूर राजा, कमला, शांता और श्याम सुंदर जैसी आवाज़ों ने गाया। कुछ गीत-सूचियों में उनके नाम के आद्याक्षर 'जे. सी. कपूर' के रूप में भी मिलते हैं। इन गीतों से आगे उनके जीवन — जन्म-मृत्यु समेत — का कोई प्रामाणिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

G. S. Kapoor was a Hindi film lyricist of the early 1940s whose documented work comes from a single film: Sewa (1942), a social drama from Ashok Pictures, Bombay, directed by Dhirubhai Desai. He wrote the film's songs, set to music by S. N. Tripathi and Biri Singh Dukha, including 'Bole Bole Na Bole', 'Aankho Me Aaye Piya', 'Dekho Aayi Badariya Kaali', 'Mohan Tum Mohan' and 'Mazdur Hai Shan Is Duniya Ki', sung by voices such as Rajkumari, Zahoor Raja, Kamla, Shanta and Shyam Sundar. In some song listings his initials appear as J. C. Kapoor. Beyond these credits, little about his life — including birth and death details — is recorded.

अभिलेख-सार

Discography Summary
हिंदीगीत संग्रह से · From the HindiGeet Archive
संग्रह में गीत13 — नीचे जुड़े हुए पन्नों में सूचीबद्ध

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अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — जी. एस. कपूर से उनके गीत, फ़िल्में, घराना, समकालीन और युग, सब यहाँ से खुलते हैं।

फ़िल्में · The Films

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